*डिजिटलीकरण बहुजन कामधेनु कार्मिकों के खस्सीकरण कर लोकतंत्र पर राजतंत्र लादने का सबसे आसान उपाय*
🌷🌷9*4*5🍁🍁🍁🍁🇮🇳
जिस प्रकार से आजकल पंडा पुजारी सरकारें विदेशियो के इशारे पर कर्मचारियों अधिकारियो को डिजिटलीकरण unique identification number (UID-आधार) नोटबंदी करके बांध रही है।
इससे आने वाले समय मे बहुजन समाज के गिने चुने अधिकारी कर्मचारी जो कुछ बहुत अक्ल रखते हैं। जो कुछ सामाजिक जागरूकता का कार्य भी करते रहते हैं।
यदि इन सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रत्येक क्रिया कलाप का डिजिटलीकरण कर दिया गया तो बहुजन समाज मे इन चंद गिने चुने समझदार लोगो का मुंह भी बन्द हो जायेगा।
बामसेफ वालो ने कर्मचारियों अधिकारियो को नकद देने वाली कामधेनु बना रखा है।
संघियो को पता है क़ि हमारे खिलाफ गवारों को बरगलाने का काम ये कर्मचारियों की पगार से हो रहा है। इसी कारण पंडे पुजारीयों की नजर मे आरक्षण एक कांटा बना हुआ है।
इसीलिए एनकेन प्रकारेण नौकरियां व आरक्षण निजीकरन करके खत्म किया जा रहा है।
इस बजह से आने वाले समय मे ये कामधेनु कार्मिक, डिजिटल मुद्रा द्वारा स्वतः स्रोत ज्ञात होने के कारण अपना मुंह बन्द करने को स्वतः बिवश होंगें।
इस प्रकार समझदार तबका अब पीड़ित शोषित तबके के हक अधिकार की बात नही कर सकेगा।
पीड़ित शोषित वर्ग अपना भला बुरा समझ नही सकेगा इस लिए वह स्वतः विरोध करने की स्थिति मे होगा नही।
इस प्रकार यह शोषित वर्ग समझदार वर्ग द्वारा की गयी अपनी उपेक्षा व हकमारी पर चुप्पी को पंडा पुजारी वर्ग का सहयोग मानकर शोषित वर्ग अब समझदार वर्ग का सहयोग नही करेगा।
इससे अभी तक जातियों मे बंटा हुआ बहुजन समाज करोड़ो स्वार्थी टुकडो मे टूटने की विवश होगा।
नतीजे मे डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर का मिशन होगा चौपट।
NEET परीक्षा मे हुई हकमारी की तरह से बहुजनो के हक अधिकार बीच बाजार नीलाम होंगे और मूलनिवासी बहुजन कुछ नही कर सकेगें।
ऐसी स्थिति मे हमेशा के लिए राजा फिर से रानी के ही पेट से पैदा होना शुरू होगा।
डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर का लिखा संविधान चूरन चाट खाने के काम आएगा।🇮🇳
*इस लिये अभी भी समय है। जातिवादी अम्बेडकरवाद छोड़कर राष्ट्रवादी अम्बेडकरवाद पर काम करो।*
अन्यथा आप स्वयं देखोगे क़ि कारवां कैसे लूटता है।
कैसे एक 18 साल का काशिम नामक मुग़ल, ठाकुर परिहारों को पराजित कर 3 लाख स्त्री पुरुषो को गुलाम बना काबुल कन्धहार मे बेचा था।
इसलिए भारत माता की रक्षा करो।
इसलिए अपने मौलिक कर्तव्यों का निर्वाहन करो।
न मानो तो देख लेना..
देखेंगे...
देख लेना....
भवतु सब्ब मंगलं🍁
स्वामी डॉ बोधी आनंद
जय भूमि नमो भारत
🌷🌷9*4*5🍁🍁🍁🍁🇮🇳
जिस प्रकार से आजकल पंडा पुजारी सरकारें विदेशियो के इशारे पर कर्मचारियों अधिकारियो को डिजिटलीकरण unique identification number (UID-आधार) नोटबंदी करके बांध रही है।
इससे आने वाले समय मे बहुजन समाज के गिने चुने अधिकारी कर्मचारी जो कुछ बहुत अक्ल रखते हैं। जो कुछ सामाजिक जागरूकता का कार्य भी करते रहते हैं।
यदि इन सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रत्येक क्रिया कलाप का डिजिटलीकरण कर दिया गया तो बहुजन समाज मे इन चंद गिने चुने समझदार लोगो का मुंह भी बन्द हो जायेगा।
बामसेफ वालो ने कर्मचारियों अधिकारियो को नकद देने वाली कामधेनु बना रखा है।
संघियो को पता है क़ि हमारे खिलाफ गवारों को बरगलाने का काम ये कर्मचारियों की पगार से हो रहा है। इसी कारण पंडे पुजारीयों की नजर मे आरक्षण एक कांटा बना हुआ है।
इसीलिए एनकेन प्रकारेण नौकरियां व आरक्षण निजीकरन करके खत्म किया जा रहा है।
इस बजह से आने वाले समय मे ये कामधेनु कार्मिक, डिजिटल मुद्रा द्वारा स्वतः स्रोत ज्ञात होने के कारण अपना मुंह बन्द करने को स्वतः बिवश होंगें।
इस प्रकार समझदार तबका अब पीड़ित शोषित तबके के हक अधिकार की बात नही कर सकेगा।
पीड़ित शोषित वर्ग अपना भला बुरा समझ नही सकेगा इस लिए वह स्वतः विरोध करने की स्थिति मे होगा नही।
इस प्रकार यह शोषित वर्ग समझदार वर्ग द्वारा की गयी अपनी उपेक्षा व हकमारी पर चुप्पी को पंडा पुजारी वर्ग का सहयोग मानकर शोषित वर्ग अब समझदार वर्ग का सहयोग नही करेगा।
इससे अभी तक जातियों मे बंटा हुआ बहुजन समाज करोड़ो स्वार्थी टुकडो मे टूटने की विवश होगा।
नतीजे मे डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर का मिशन होगा चौपट।
NEET परीक्षा मे हुई हकमारी की तरह से बहुजनो के हक अधिकार बीच बाजार नीलाम होंगे और मूलनिवासी बहुजन कुछ नही कर सकेगें।
ऐसी स्थिति मे हमेशा के लिए राजा फिर से रानी के ही पेट से पैदा होना शुरू होगा।
डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर का लिखा संविधान चूरन चाट खाने के काम आएगा।🇮🇳
*इस लिये अभी भी समय है। जातिवादी अम्बेडकरवाद छोड़कर राष्ट्रवादी अम्बेडकरवाद पर काम करो।*
अन्यथा आप स्वयं देखोगे क़ि कारवां कैसे लूटता है।
कैसे एक 18 साल का काशिम नामक मुग़ल, ठाकुर परिहारों को पराजित कर 3 लाख स्त्री पुरुषो को गुलाम बना काबुल कन्धहार मे बेचा था।
इसलिए भारत माता की रक्षा करो।
इसलिए अपने मौलिक कर्तव्यों का निर्वाहन करो।
न मानो तो देख लेना..
देखेंगे...
देख लेना....
भवतु सब्ब मंगलं🍁
स्वामी डॉ बोधी आनंद
जय भूमि नमो भारत
बहुत ही उम्दा पोस्ट है आपकी
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