*समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व स्थापित करने की अनिवार्य शर्त "वस्तु और सेवा विनिमय"*।
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डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर ने कहा क़ि *"हमारा संघर्ष सत्ता और संपत्ति के लिए नही बल्कि समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के लिए है"।*
जबकि आज हमारे नेता लोग कहते हैं क़ि सत्ता वो चावी है जिससे सभी ताले खोले जा सकते हैं। खोल लो ताले...
पढ़े लिखे नौकर लोग भी वही बात दोहराते हुए कहते हैं क़ि हमारा संघर्ष समता स्वतंत्रता बंधुत्व के लिए है।
मगर असमानता की जड़ "मुद्रा और संपत्ति" के लिए जी जान एक किये हुए हैं। अर्थात स्वयं तो गाड़ी बंगला कार जेवर प्लाट आदि के लिए ही मर रहे हैं। मगर अपने उन्ही गरीब भाइयो को डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर की घुट्टी पिलाने मे लगें हैं। निर्लज्ज यह भी नही सोचते क़ि हम कह क्या रहे हैं। स्वयं तो बदनाम हो ही रहे हैं डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर को भी बदनाम कर रहे हैं।
जिन गरीब भाइयो से बंधुत्व बढ़ाने को डॉ अम्बेडकर आदेश दिए थे। आज उन्ही से बंधुत्व की जगह वैर भाव बढ़ाने मे लगे हैं। आने वाले समय मे सलवा जुड़ूम जैसे संगठन बना कर संघी इन्ही गरीब भाइयो को तुम्हारे महल उजाड़ने के लिए उकसाएगे और तुम कुछ नही कर सकोगे।
*असमानता की जड़ "संपत्ति" पर स्वयं सवारी करके कैसे कोई समता और बंधुत्व ला सकता है?????*
हां तुम भले ही मनुष्यता के मामले मे नीचे गिर रहे हो मगर नीचे वाले ऊपर कैसे उठ सकते हैं। जब स्वयं आप उन गरीब भाइयों के ऊपर सवारी किये हुए हो???
किसको idiot बनाने का काम झामसेफी अम्बेडकर भक्त कर रहे हैं?
*जब तक प्रकृति प्रदत्त संपत्ति का संघर्ष और मानव निर्मित मुद्रा का चलन जारी है।इशानियत कभी न तो स्वतंत्र हो सकती है और न ही समान।* इसलिए मुद्रा व्यवस्था का धीरे धीरे त्याग करके "वस्तु और सेवा विनिमय" करना चालू करो। अन्यथा मरने को तैयार रहो।
बिडम्बना ये है क़ि जिनके पास कुछ बहुत चिड़िया कैसे दाने रूपी संपत्ति है, वह उसे ही सब कुछ मान बैठा है और जिसके पास संपत्ति नही है, वह भी उसी सम्पति को ही सब कुछ मान कर पीछे भागा जा रहा है। जबकि दोनो ही गलत दिशा मे भागे चले जा रहे हैं। मिशन जा रहा तीसरी दिशा मे।
कभी कम्युनिस्टों ने भारत मे एक नारा दिया था क़ि *"धन और धरती बंट कर रहेगी, अपना अपना छोड़ कर"*। हद हो गई.....🤔
*ये तो वही हाल है क़ि भगत सिंह पैदा तो हों मगर हमारे घर मे नही बल्कि पडोशी के घर। ऐसा कैसे चलेगा?*
भवतु सब्ब मंगलं💐
स्वामी डॉ बोधी आनंद
जय भूमि नमो भारत🇮🇳
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