💐💐9*4*5🌷🌷🌷🌷🇮🇳
आज नागपंचमी है।
डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर ने दीक्षा प्राप्ति के लिए नागपुर स्थान का चयन किया क्योंकि वह नागवंशियों की राजधानी हुआ करती थी।
यह नाग ही सिंधु घाटी सभ्यता का टोटम हुआ करता था।
यह नाग ही है जो ब्राह्मणों का जनेऊ बन बन गया।
यह कुण्डलिनी नाग ही है जो विभिन्न सभ्यताओ द्वारा स्वीकारा गया।
यह नाग ही था जो प्रजनन अंग पर कुंडली मार कर बैठा है। जो लिंग व योनी पर बैठा भोला शंकर बन गया।
यह नाग ही है जो प्रजनन अंगो पर बैठा होने के कारण तांत्रिकों द्वारा कामुक *नाग पंचमी* त्योहार बन गया।
यह बहुजन नागों की सिंधुघाटी सभ्यता का नाग ही है जो Indian medical association, 🇮🇳
japanese medical association, 🇯🇵
chinese medical association, 🇨🇳
british medical association, 🇬🇧
american medical association 🇱🇷
Myanmar medical association
Indonesian medical association
Singapore medical association
और तो और इस्लामिक देश पाकिस्तान मेडिकल असोसिएशन।
सउदी अरब मेडिकल एसोसिएशन।
इजराइल मेडिकल एसोसिएशन
सहित *विश्व स्वास्थ्य संगठन का logo भी यह नागवंशी सिंधुघाटी सभ्यता के लोगों का नाग ही बना कोई तीर तलवार नहीं।*
यकीन नही होता तो उक्त सभी संगठनों के logo की फोटो देखें (संलग्न हैं)।
*Lord buddha was a genius.*
यकीन नही होता???
मगर सच्चाई यही है जनाब।
Reality is strenger than fiction.
मगर आप अम्बेडकरवादी हैं क़ि कुछ भी न जानते हैं और न ही मानते।
ऐसे कैसे काम चलेगा?
आपकी knowledge यदि दुश्मन चुरा कर बैठ जाये तो क्या आप अपनी ही knowledge का खंडन करोगे जिस पर पूरा विश्व चल रहा है???
आप सभी के अंदर विराजमान ऐसे पवित्र नाग जो कुंडली मार कर बैठा है, को मेरा सत सत नमन। आप प्रयास करें क़ि यह सोया हुआ नाग जरूर जागे। बिना उसके आपका नागवंशी होना निरर्थक है।
इसी उम्मीद के साथ आप सभी को नाग पंचमी की ढेरों बधाइयां💐💐💐।
खूब सिवइयां खाइये मगर सुबह सायं झान/ ध्यान अपने प्रजनन अंगो पर जरूर लगाइये।
यह असली नाग जब जागेगा तो सब दुख दारिद्र भागेगा।
भवतु सब्ब मंगलं
स्वामी डॉ बोधी आनंद
जय भूमि नमो भारत
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Nice
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