विश्वगुरु भारत माँ 🇮🇳को गर्भासय का कैंसर और दुनियां मे बुद्धत्व (enlightenment) की प्राप्ति पर लगा गृहण- एक विचारणीय प्रश्न
*विश्वगुरु भारत माँ 🇮🇳को गर्भासय का कैंसर और दुनियां मे बुद्धत्व (enlightenment) की प्राप्ति पर लगा गृहण- एक विचारणीय प्रश्न*
🌷🌷9*4*5💐💐💐💐🇮🇳
हम भली भाँति जानते हैं क़ि सिद्धार्थ गोतम बुद्ध से पहले 27 बुद्ध हुए हैं अर्थात गोतम बुद्ध इस बुद्ध परम्परा मे 28वें बुद्ध जाने जाते हैं।
जिसमे से 22वे बुद्ध का नाम *ककुसंद बुद्ध* है। जिनका जन्म स्थान asiatic society journal 1836 के शोध के अनुसार मगध राज्य था जो क़ि 3101 BC मे पैदा हुए थे। उस समय मगध राज्य मे क्षेम राजा का राज्य स्थापित था।
वहीं 23वें बुद्ध का नाम है *कोणगंम्य बुद्ध* जो 2099 BC मे प्रद्योत राजा के काल मे जनम लिये थे। जिनके कारण सीलोन (ceylon) खूब फला फ़ूला।
24वें बुद्ध का नाम *कश्यप बुद्ध* है।
जिन्होंने सीलोन (ceylon) अर्थात वर्तमान अनुराधापुरम का भ्रमण किया था। कश्यप बुद्ध का जन्म ईशा पूर्व 1014 मे हुआ था।
इसी प्रकार ईसा पूर्व 563 मे मूलनिवासी आदिवासी मुखिया शुद्धोधन जी के यहां सिद्धार्थ गोतम बुद्ध का जन्म हुआ था। जो बुद्ध परम्परा मे 28वें बुद्ध जाने जाते हैं।
सवाल ये है क़ि *22वे बुद्ध व 23वें बुद्ध के बीच जन्म अंतराल मात्र 1002 साल का रहा (3101- 2099=1002)।*
*वहीं 23वें बुद्ध व 24वें बुद्ध के बीच जन्मकाल का अंतर मात्र 1085 साल रहा (2099-1014= 1085)।*
उसके बाद मात्र 500 साल के अंतर मे भारत माँ की कोख से तीन बुद्ध का जन्म सम्भव हो गया था। कितना सुंदर समय रहा होगा वह?🤔
अर्थात सबसे पिछले बुद्ध, गोतम बुद्ध ईसापूर्व 563 मे हुए। *लेकिन उस 563 ईसापुर्व के बाद ऐसा क्या हुआ क़ि पृथ्वी पर बुद्ध ने जन्म लेना ही बन्द कर दिया?*
क्या पृथ्वीवासी मांओ ने बच्चे जनना ही बन्द कर दिया?????
यदि ऐसा हुआ होता तो आज भारत की आबादी 128 करोड़ न हो रही होती।
ध्यान रहे बुद्ध कोइ व्यक्ति नही बल्कि *designation* अर्थात पद है। जो क़ि *सीधे तौर पर ज्ञान व अज्ञान से जुड़ा हुआ है।*
*इसका मतलब पिछले ढाई हजार सालों से पृथ्वी पर मूर्खो का ही जन्म हो रहा है क्या?*
इस बात का एहसास होने पर ही तो सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं क़ि
" *आवन जावन हो रहा ज्यूं चींटी का नांच*"।
*तज दिए प्राण काया री कैसी रोई।*
यही तो बजह है क़ि जो जितना बड़ा व अच्छी तरह से brain control है वह उतना ही बड़ा है। जो जितना ही बड़ा है वह उतना ही ज्यादा अपने से छोटे को control करने मे लगा है।
इस प्रकार यह vicious cycle पीढ़ी दर पीढ़ी बखूबी जारी है।
आज यह brain control programme संघियों ने स्कूलों मे संस्कारशाला नामक अभियान चला कर और तेज कर दिया है।
नतीजा ढाई साल के बालक बालिकाएं स्कूल मे अभिशापित जीवन जीने को विवश हैं। ध्यान रहे शिशु की brain nurves सबसे ज्यादा विकसित अपनी शुरुआती 5 वर्ष की अवस्था तक ही रहतीं है। उसके बाद अप्रयुक्त स्नायु तंत्र स्वतः नष्ट हो जाता है।
इसी ढाई साल की उम्रकाल से ही निर्धारित हो जाता है क़ि बालक भविष्य मे क्या करेगा- क्या बनेगा।
पापा खूब कहते रहें...... पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा........
मगर ये तो........
*आखिर वह ज्ञान क्या था जिसे पाकर कोई भी साधारण व्यक्ति बुद्ध जैसी अतिमहत्व पूर्ण पदवी को प्राप्त कर सकता था?*
*आखिर वह ज्ञान क्या था जिसे पाकर कोई भी साधारण व्यक्ति अर्हत हो सकता था?*
*आखिर वह ज्ञान क्या था जिसे पाकर कोई भी गरीब मजदूर किसान सर्वहारा बुर्जुआ बोधिसत्व बन सकता था*?
*आखिर स्वास्तिक या सतिया जो सिंधु घाटी सभ्यता मे प्राप्त हुई, उसमे ऐसा क्या खास था क़ि स्वास्तिक भारतीय बौद्धों मे आदिकाल से पूज्य रही है?*
दुनियां मे पढ़े लिखे लोगों से विद्रोह तो खड़ा किया जा सकता है मगर क्रांति करना सम्भव नहीं।
वैचारिक क्रांति तो बुद्ध से ही सम्भव है। अब ये आपको निर्धारित करना है क़ि आप हीनदूवादी बनंना चाहते हैं या बुद्धिवादी?
*इन सवालों का जबाब वही होगा जो जबाब होगा क़ि सिद्धार्थ गोतम को ज्ञान मिला। मगर सिद्धार्थ गोतम को ज्ञान मे कौन सा ज्ञान प्राप्त हुआ था?*
ज्यूं तिल माहीं तेल है चकमक माहीं आग।
तेरा साई तुझ मे जाग सके तो जाग।।
जाग सके तो जाग...
जाग सके तो जाग ....
आपकी धम्मयात्रा मंगलमय हो....💐🌹🌷
बोल धम्म............
भारत मांता की जय🇮🇳
स्वामी डॉ बोधीआनंद
जय भूमि नमो भारत
🌷🌷9*4*5💐💐💐💐🇮🇳
हम भली भाँति जानते हैं क़ि सिद्धार्थ गोतम बुद्ध से पहले 27 बुद्ध हुए हैं अर्थात गोतम बुद्ध इस बुद्ध परम्परा मे 28वें बुद्ध जाने जाते हैं।
जिसमे से 22वे बुद्ध का नाम *ककुसंद बुद्ध* है। जिनका जन्म स्थान asiatic society journal 1836 के शोध के अनुसार मगध राज्य था जो क़ि 3101 BC मे पैदा हुए थे। उस समय मगध राज्य मे क्षेम राजा का राज्य स्थापित था।
वहीं 23वें बुद्ध का नाम है *कोणगंम्य बुद्ध* जो 2099 BC मे प्रद्योत राजा के काल मे जनम लिये थे। जिनके कारण सीलोन (ceylon) खूब फला फ़ूला।
24वें बुद्ध का नाम *कश्यप बुद्ध* है।
जिन्होंने सीलोन (ceylon) अर्थात वर्तमान अनुराधापुरम का भ्रमण किया था। कश्यप बुद्ध का जन्म ईशा पूर्व 1014 मे हुआ था।
इसी प्रकार ईसा पूर्व 563 मे मूलनिवासी आदिवासी मुखिया शुद्धोधन जी के यहां सिद्धार्थ गोतम बुद्ध का जन्म हुआ था। जो बुद्ध परम्परा मे 28वें बुद्ध जाने जाते हैं।
सवाल ये है क़ि *22वे बुद्ध व 23वें बुद्ध के बीच जन्म अंतराल मात्र 1002 साल का रहा (3101- 2099=1002)।*
*वहीं 23वें बुद्ध व 24वें बुद्ध के बीच जन्मकाल का अंतर मात्र 1085 साल रहा (2099-1014= 1085)।*
उसके बाद मात्र 500 साल के अंतर मे भारत माँ की कोख से तीन बुद्ध का जन्म सम्भव हो गया था। कितना सुंदर समय रहा होगा वह?🤔
अर्थात सबसे पिछले बुद्ध, गोतम बुद्ध ईसापूर्व 563 मे हुए। *लेकिन उस 563 ईसापुर्व के बाद ऐसा क्या हुआ क़ि पृथ्वी पर बुद्ध ने जन्म लेना ही बन्द कर दिया?*
क्या पृथ्वीवासी मांओ ने बच्चे जनना ही बन्द कर दिया?????
यदि ऐसा हुआ होता तो आज भारत की आबादी 128 करोड़ न हो रही होती।
ध्यान रहे बुद्ध कोइ व्यक्ति नही बल्कि *designation* अर्थात पद है। जो क़ि *सीधे तौर पर ज्ञान व अज्ञान से जुड़ा हुआ है।*
*इसका मतलब पिछले ढाई हजार सालों से पृथ्वी पर मूर्खो का ही जन्म हो रहा है क्या?*
इस बात का एहसास होने पर ही तो सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं क़ि
" *आवन जावन हो रहा ज्यूं चींटी का नांच*"।
*तज दिए प्राण काया री कैसी रोई।*
यही तो बजह है क़ि जो जितना बड़ा व अच्छी तरह से brain control है वह उतना ही बड़ा है। जो जितना ही बड़ा है वह उतना ही ज्यादा अपने से छोटे को control करने मे लगा है।
इस प्रकार यह vicious cycle पीढ़ी दर पीढ़ी बखूबी जारी है।
आज यह brain control programme संघियों ने स्कूलों मे संस्कारशाला नामक अभियान चला कर और तेज कर दिया है।
नतीजा ढाई साल के बालक बालिकाएं स्कूल मे अभिशापित जीवन जीने को विवश हैं। ध्यान रहे शिशु की brain nurves सबसे ज्यादा विकसित अपनी शुरुआती 5 वर्ष की अवस्था तक ही रहतीं है। उसके बाद अप्रयुक्त स्नायु तंत्र स्वतः नष्ट हो जाता है।
इसी ढाई साल की उम्रकाल से ही निर्धारित हो जाता है क़ि बालक भविष्य मे क्या करेगा- क्या बनेगा।
पापा खूब कहते रहें...... पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा........
मगर ये तो........
*आखिर वह ज्ञान क्या था जिसे पाकर कोई भी साधारण व्यक्ति बुद्ध जैसी अतिमहत्व पूर्ण पदवी को प्राप्त कर सकता था?*
*आखिर वह ज्ञान क्या था जिसे पाकर कोई भी साधारण व्यक्ति अर्हत हो सकता था?*
*आखिर वह ज्ञान क्या था जिसे पाकर कोई भी गरीब मजदूर किसान सर्वहारा बुर्जुआ बोधिसत्व बन सकता था*?
*आखिर स्वास्तिक या सतिया जो सिंधु घाटी सभ्यता मे प्राप्त हुई, उसमे ऐसा क्या खास था क़ि स्वास्तिक भारतीय बौद्धों मे आदिकाल से पूज्य रही है?*
दुनियां मे पढ़े लिखे लोगों से विद्रोह तो खड़ा किया जा सकता है मगर क्रांति करना सम्भव नहीं।
वैचारिक क्रांति तो बुद्ध से ही सम्भव है। अब ये आपको निर्धारित करना है क़ि आप हीनदूवादी बनंना चाहते हैं या बुद्धिवादी?
*इन सवालों का जबाब वही होगा जो जबाब होगा क़ि सिद्धार्थ गोतम को ज्ञान मिला। मगर सिद्धार्थ गोतम को ज्ञान मे कौन सा ज्ञान प्राप्त हुआ था?*
ज्यूं तिल माहीं तेल है चकमक माहीं आग।
तेरा साई तुझ मे जाग सके तो जाग।।
जाग सके तो जाग...
जाग सके तो जाग ....
आपकी धम्मयात्रा मंगलमय हो....💐🌹🌷
बोल धम्म............
भारत मांता की जय🇮🇳
स्वामी डॉ बोधीआनंद
जय भूमि नमो भारत
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