*Employee federation बामसेफ और सतरंज के राजा रानी।*
🌷🌷9*4*5☸☸☸☸🇮🇳
आप जानते हैं कि बामसेफ एक employee फेडरेशन है अर्थात जो सरकारी नौकरी पा गए लोग हैं उन्हीं के खून पसीने की कमाई पर चलने वाले संगठन का नाम ही बामसेफ है।
यह बामसेफ के नौकर लोग सरकारी सेक्टर या राष्ट्रीयकरण के कारण पैदा हुए, जो आज खत्म किया जा रहा है। इस कारण आरक्षण भी खत्म हो रहा है।
यदि आरक्षण व राष्ट्रीयकरण नहीं रहेगा तो आने वाले समय में इन बामसेफ संगठन चलाने वाले लोगों को धन दौलत कौन देगा??₹?
जब कभी भी कोई भी खेल होता है तो पर्दे के पीछे के खिलाड़ी या सबसे मजबूत सपोर्ट बेस हमेशा पर्दे के पीछे अथवा सुरक्षित रखा जाता है।
यही रणनीति के तहत सीमा पर लड़ाई होने पर सेनानायक सबसे पीछे होता है।
यही रणनीति होने के कारण शतरंज के राजा और रानी हमेशा सबसे पीछे रहते हैं। उनके सुरक्षा के लिए तमाम हाथी घोड़ा सैनिक आदि रहते हैं।
इस प्रकार जब पूरी सेना पराजित हो जाती है तब जाकर राजा रानी विरोधियों के कब्जे में आते हैं औऱ खेल/युद्ध खत्म हो जाता है।।
*मगर बामसेफ नाम के संगठन ने अपना जो सबसे मजबूत सपोर्ट बेस था अर्थात नौकरीपेशा लोग, उन को सबसे पहले मोर्चे पर खड़ा कर दिया और विरोधियों को बताया कि हमारे जो सबसे ज्यादा समर्थक हैं वह यह नौकर लोग हैं। इसी कारण हम बौखला रहे हैं।
विरोधियों ने जब देख लिया कि हमारी नाक में दम ये बामसेफी नौकरीपेशा लोग किए हुए हैं, जो आरक्षण के बलबूते है।
इसलिए उन्होंने आरक्षण और राष्ट्रीकृत क्षेत्र की जगह निजीकरण और आरक्षण के खात्मे को अंजाम तक पहुंचा दिया। जिसका अहसास आज भी ना तो किसी इंपलाई को है ना ही किसी बामसेफ संगठन को चलाने वाले पदाधिकारियों को???
क्या यही हाल तब भी होता यदि इंपलाई लोग पर्दे के पीछे होते???🤔
क्या यही हाल तब भी होता जब आर्थिक सामाजिक सपोर्ट तो सर्विस क्लास के लोग करते, मगर वे कहीं दिखाई नहीं देते। कहीं सुनाई ना देते हैं????
आप जानते हैं कि ऐसा नहीं हुआ।
इसीलिए आपकी नौकरी जा रही है।
इसीलिए आपका प्रमोशन जा रहा है।
इसीलिए आपका असमय रिटायरमेंट किया जा रहा है।
अभी आने वाले समय में पुरानी फाइलें अर्थात गड़े मुर्दे उखडेगे। जेल तो जाना ही होगा।
दोषी कौन कांग्रेसी संघी अथवा बामसेफ के निर्माता निर्देशक?????
यदि आपको लगता है कि बामसेफ वाकई में हमारे वजूद के लिए खतरा हो गया है तो इस संगठन को नकारना शुरू करें। इस संगठन के पदाधिकारियों को भगाना शुरू करिए।
अगर आपने यह नहीं किया तो जेल तो जाना ही होगा, पूरी नौकरी के काल में सब कुछ आपने सही किया हो ऐसा जरूरी नहीं है।
अथवा बामसेफ के निर्माता निर्देशक स्वयं इस संगठन का सुधार कर लें।
निर्णय आपको करना है कि नौकरी व प्रमोशन के साथ अपना मान सम्मान गंवाना है या नहीं।
जय भारत भूमि🇮🇳
भवतु सब्ब मंगलं💐
कॉपी पेस्ट शेयर🇮🇳
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आप जानते हैं कि बामसेफ एक employee फेडरेशन है अर्थात जो सरकारी नौकरी पा गए लोग हैं उन्हीं के खून पसीने की कमाई पर चलने वाले संगठन का नाम ही बामसेफ है।
यह बामसेफ के नौकर लोग सरकारी सेक्टर या राष्ट्रीयकरण के कारण पैदा हुए, जो आज खत्म किया जा रहा है। इस कारण आरक्षण भी खत्म हो रहा है।
यदि आरक्षण व राष्ट्रीयकरण नहीं रहेगा तो आने वाले समय में इन बामसेफ संगठन चलाने वाले लोगों को धन दौलत कौन देगा??₹?
जब कभी भी कोई भी खेल होता है तो पर्दे के पीछे के खिलाड़ी या सबसे मजबूत सपोर्ट बेस हमेशा पर्दे के पीछे अथवा सुरक्षित रखा जाता है।
यही रणनीति के तहत सीमा पर लड़ाई होने पर सेनानायक सबसे पीछे होता है।
यही रणनीति होने के कारण शतरंज के राजा और रानी हमेशा सबसे पीछे रहते हैं। उनके सुरक्षा के लिए तमाम हाथी घोड़ा सैनिक आदि रहते हैं।
इस प्रकार जब पूरी सेना पराजित हो जाती है तब जाकर राजा रानी विरोधियों के कब्जे में आते हैं औऱ खेल/युद्ध खत्म हो जाता है।।
*मगर बामसेफ नाम के संगठन ने अपना जो सबसे मजबूत सपोर्ट बेस था अर्थात नौकरीपेशा लोग, उन को सबसे पहले मोर्चे पर खड़ा कर दिया और विरोधियों को बताया कि हमारे जो सबसे ज्यादा समर्थक हैं वह यह नौकर लोग हैं। इसी कारण हम बौखला रहे हैं।
विरोधियों ने जब देख लिया कि हमारी नाक में दम ये बामसेफी नौकरीपेशा लोग किए हुए हैं, जो आरक्षण के बलबूते है।
इसलिए उन्होंने आरक्षण और राष्ट्रीकृत क्षेत्र की जगह निजीकरण और आरक्षण के खात्मे को अंजाम तक पहुंचा दिया। जिसका अहसास आज भी ना तो किसी इंपलाई को है ना ही किसी बामसेफ संगठन को चलाने वाले पदाधिकारियों को???
क्या यही हाल तब भी होता यदि इंपलाई लोग पर्दे के पीछे होते???🤔
क्या यही हाल तब भी होता जब आर्थिक सामाजिक सपोर्ट तो सर्विस क्लास के लोग करते, मगर वे कहीं दिखाई नहीं देते। कहीं सुनाई ना देते हैं????
आप जानते हैं कि ऐसा नहीं हुआ।
इसीलिए आपकी नौकरी जा रही है।
इसीलिए आपका प्रमोशन जा रहा है।
इसीलिए आपका असमय रिटायरमेंट किया जा रहा है।
अभी आने वाले समय में पुरानी फाइलें अर्थात गड़े मुर्दे उखडेगे। जेल तो जाना ही होगा।
दोषी कौन कांग्रेसी संघी अथवा बामसेफ के निर्माता निर्देशक?????
यदि आपको लगता है कि बामसेफ वाकई में हमारे वजूद के लिए खतरा हो गया है तो इस संगठन को नकारना शुरू करें। इस संगठन के पदाधिकारियों को भगाना शुरू करिए।
अगर आपने यह नहीं किया तो जेल तो जाना ही होगा, पूरी नौकरी के काल में सब कुछ आपने सही किया हो ऐसा जरूरी नहीं है।
अथवा बामसेफ के निर्माता निर्देशक स्वयं इस संगठन का सुधार कर लें।
निर्णय आपको करना है कि नौकरी व प्रमोशन के साथ अपना मान सम्मान गंवाना है या नहीं।
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