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"मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्छा है, मेरे बताए हुए रास्ते पर चलें।"
मगर वह रास्ता क्या है हम नही मानेगे।😊
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्योंकि मेरा समाज सो रहा है।"
यह कथित चलायमान समाज आज भी बेहोशी में जी रहा है। जिसने यह मान लिया कि इन्द्रियों से महसूस करना ही जागरूकता है। जबकि सच्चाई ठीक उलट है।🤪🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।"
इसलिए हमने हमेशा इतिहास का रट्टा लगाना ही अपना अभीष्ठ लक्ष बना लिया। इसीलिए ही घृणित इतिहास पुनः वापस आ रहा है।🤓🤓
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"अपने भाग्य के बजाय अपनी मजबूती पर विश्वास करो।"
मजबूती का तात्पर्य हमने भैसा शक्ति को समझ लिया। इसलिए खा खा कर सूअर की तरह फूल रहे हैं। जबकि मजबूती अक्ल की होनी जरूरी है।😃😃🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ।"
हमारे नेता सिर्फ और सिर्फ रुपया कमाने, शारीरक साधन संसाधन जुटाने को ही अपना उद्देश्य मान बैठे हैं।मनकर कितने रुपये की थैली है बे...?🤩🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मनुवाद को जड़ से समाप्त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्षय है।"
जो काम स्वयं डॉ बाबासाहेब नही कर पाए वह काम खा पी कर तोंद निकाले घूम रहे लोग कैसे कर सकते हैं?
इसके लिए तो डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर से अलग हटकर काम करना होगा। अगर बाबासाहेब के क्रिया कलापों को दोहराते रहोगे तो डॉ बाबासाहेब की तरह बार बार पराजित होते रहोगे। उन्हीं की तरह हत्या का शिकार भी होना पड़ेगा। मगर हम नही सुधरेंगे। 🤓😛
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"जो धर्म जन्म से एक को श्रेष्ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।"
कोई धर्म किसी को ऊंच नींच नहीं बनाता। ऊंच नींच तो सत्यधर्म पर आरूढ़ लोग बनाते हैं। जिसमे सबसे ज्यादा दोषी तो नींच बनने वाले दोषी होते हैं। क्योंकि कोई नींच एक दो दिन में नही बल्कि सालों के षड़यंत्र के बाद बनाता है। जिसे न समझने की काबिलियत ही लोगों को नींच बनाती है न कि कोई ऊंच व्यक्ति।🤩🙃
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"राष्ट्रवाद तभी औचित्य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्तर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्व को सर्वोच्च स्थान दिया जाये।"
समानता अपने से ज्यादा भोगी समुदाय से नहीं बल्कि अपने से कम सुविधाभोगी की तरह से जीवन जीने की कला सीखना है। न कि स्वयं को पूजारी वर्ग की जगह स्थापित करना है।🤓😍
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए।"
नौजवान इश्कबाजी, छिनरकम, बन्दर बन्दरियों के समान सजने बजने में मजा लें कि मिशन देंखें। रूपया चाहिए सबको ताकि लड़की बाजी कर सकें। रुपया नहीं होने पर कोई छोकरी घास न डालेगी।
मिशन अब कमीशनखोरी बन चुका है। ऐसे में युवा अपना निजी हित देखे या सबके चक्कर में अपनी जवानी गवां दे।😂😁
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"अच्छा दिखने के लिए मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ!"
अच्छा किसे कहते हैं यह तय करने का काम मनुमानुष और गोदी मीडिया करें हम तो केवल पिछवाड़ा हिलायेंगे।🤓😂😂
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है!"
हमने स्वयं के लोगों व विरोधियों से केवल ऐंठना ही सीखा है। करेंगे कुछ नहीं केवल व केवल बकेंगे।😁😁🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"लोकतंत्र सरकार का महज एक रूप नहीं है।"
जिसे हम चंद सिक्कों या दारू के लालच में बेचे बगैर नही मानेंगे। फिर चाहे भले ही विजेता लोग स्वयं की जमकर कुटाई करें।😄🤪🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्पक्ष होना चाहिए।"
हम हमेशा इतिहास का रट्टा ही लगाएंगे क्योंकि हमारे लिए वर्तमान और भविष्य नाम की कोई चीज होती ही नहीं है।😂😍
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्यम है।"
इसलिए हम संविधान को हमेशा ढोते रहेगें चाहे भले ही वही संवैधानिक प्रावधानों में संशोधन हमारे सत्यानाश की बजह क्यों न हो।😊😛
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"किसी का भी स्वाद बदला जा सकता है लेकिन जहर को अमृत में परिवर्तित नही किया जा सकता।"
लेकिन हमारी मन्दिरो में घुसने और देवी देवताओं में सुधार की कोशिश लगातार जारी रहेगी चाहे भले ही सीढ़ियों से ही क्यों न भगा दिया जाए।😂😁😛😛😁🤓
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।"
हम हमेशा समानता अपने से ज्यादा रामखोर से अपेक्षा करेंगे लेकिन स्वयं, गरीब से दूरी बराबर बढ़ाते रहेंगे। उसके किसी दुख से वास्ता नहीं रखेंगे।🤩😁
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मन की स्वतंत्रता ही वास्तविक स्वतंत्रता है।"
मगर हम अपना मन धन दौलत और स्त्री भोग में ही लगाएंगे। इसके अलावा मन का क्या उपयोग?😊😊😊
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्त किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्य नहीं है।"
हमे अपनी रोटी कपड़ा मकान गाड़ी छोकरी से मतलब है दुनियादारी से क्या लेना देना?😛😛
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"ज्ञान व्यक्ति के जीवन का आधार हैं।"
जिसे हम केवल मनुमानुष स्कुलो और किताबों में ही खोजेंगे। भले ही दिमागी स्वतंत्रता जाए भाड़ में।🙃😃😂
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए।"
तू चीज बड़ी है मस्त मस्त.... , ही हमारा मुलमंत्र है।😁😃😂🤓
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
" जय भीम वह अश्त्र है जिससे सर्दी खांसी जुखाम बुखार मर्दाना कमजोरी, निसंतानता बाँझपन आदि से मुक्ति पाई जा सकती है।" इसलिए जय भीम बोलिये। इतिहास का जाप, मंच व माइक लगाकर कीजिये।
लंबी सांस खींचिये और जोर से चिल्लाईये जययय भीमममम"
सेवा में जय भीम
प्रेषक जय भीम
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"मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्छा है, मेरे बताए हुए रास्ते पर चलें।"
मगर वह रास्ता क्या है हम नही मानेगे।😊
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्योंकि मेरा समाज सो रहा है।"
यह कथित चलायमान समाज आज भी बेहोशी में जी रहा है। जिसने यह मान लिया कि इन्द्रियों से महसूस करना ही जागरूकता है। जबकि सच्चाई ठीक उलट है।🤪🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।"
इसलिए हमने हमेशा इतिहास का रट्टा लगाना ही अपना अभीष्ठ लक्ष बना लिया। इसीलिए ही घृणित इतिहास पुनः वापस आ रहा है।🤓🤓
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"अपने भाग्य के बजाय अपनी मजबूती पर विश्वास करो।"
मजबूती का तात्पर्य हमने भैसा शक्ति को समझ लिया। इसलिए खा खा कर सूअर की तरह फूल रहे हैं। जबकि मजबूती अक्ल की होनी जरूरी है।😃😃🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ।"
हमारे नेता सिर्फ और सिर्फ रुपया कमाने, शारीरक साधन संसाधन जुटाने को ही अपना उद्देश्य मान बैठे हैं।मनकर कितने रुपये की थैली है बे...?🤩🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मनुवाद को जड़ से समाप्त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्षय है।"
जो काम स्वयं डॉ बाबासाहेब नही कर पाए वह काम खा पी कर तोंद निकाले घूम रहे लोग कैसे कर सकते हैं?
इसके लिए तो डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर से अलग हटकर काम करना होगा। अगर बाबासाहेब के क्रिया कलापों को दोहराते रहोगे तो डॉ बाबासाहेब की तरह बार बार पराजित होते रहोगे। उन्हीं की तरह हत्या का शिकार भी होना पड़ेगा। मगर हम नही सुधरेंगे। 🤓😛
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"जो धर्म जन्म से एक को श्रेष्ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।"
कोई धर्म किसी को ऊंच नींच नहीं बनाता। ऊंच नींच तो सत्यधर्म पर आरूढ़ लोग बनाते हैं। जिसमे सबसे ज्यादा दोषी तो नींच बनने वाले दोषी होते हैं। क्योंकि कोई नींच एक दो दिन में नही बल्कि सालों के षड़यंत्र के बाद बनाता है। जिसे न समझने की काबिलियत ही लोगों को नींच बनाती है न कि कोई ऊंच व्यक्ति।🤩🙃
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"राष्ट्रवाद तभी औचित्य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्तर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्व को सर्वोच्च स्थान दिया जाये।"
समानता अपने से ज्यादा भोगी समुदाय से नहीं बल्कि अपने से कम सुविधाभोगी की तरह से जीवन जीने की कला सीखना है। न कि स्वयं को पूजारी वर्ग की जगह स्थापित करना है।🤓😍
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए।"
नौजवान इश्कबाजी, छिनरकम, बन्दर बन्दरियों के समान सजने बजने में मजा लें कि मिशन देंखें। रूपया चाहिए सबको ताकि लड़की बाजी कर सकें। रुपया नहीं होने पर कोई छोकरी घास न डालेगी।
मिशन अब कमीशनखोरी बन चुका है। ऐसे में युवा अपना निजी हित देखे या सबके चक्कर में अपनी जवानी गवां दे।😂😁
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"अच्छा दिखने के लिए मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ!"
अच्छा किसे कहते हैं यह तय करने का काम मनुमानुष और गोदी मीडिया करें हम तो केवल पिछवाड़ा हिलायेंगे।🤓😂😂
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है!"
हमने स्वयं के लोगों व विरोधियों से केवल ऐंठना ही सीखा है। करेंगे कुछ नहीं केवल व केवल बकेंगे।😁😁🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"लोकतंत्र सरकार का महज एक रूप नहीं है।"
जिसे हम चंद सिक्कों या दारू के लालच में बेचे बगैर नही मानेंगे। फिर चाहे भले ही विजेता लोग स्वयं की जमकर कुटाई करें।😄🤪🤪
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्पक्ष होना चाहिए।"
हम हमेशा इतिहास का रट्टा ही लगाएंगे क्योंकि हमारे लिए वर्तमान और भविष्य नाम की कोई चीज होती ही नहीं है।😂😍
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्यम है।"
इसलिए हम संविधान को हमेशा ढोते रहेगें चाहे भले ही वही संवैधानिक प्रावधानों में संशोधन हमारे सत्यानाश की बजह क्यों न हो।😊😛
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"किसी का भी स्वाद बदला जा सकता है लेकिन जहर को अमृत में परिवर्तित नही किया जा सकता।"
लेकिन हमारी मन्दिरो में घुसने और देवी देवताओं में सुधार की कोशिश लगातार जारी रहेगी चाहे भले ही सीढ़ियों से ही क्यों न भगा दिया जाए।😂😁😛😛😁🤓
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।"
हम हमेशा समानता अपने से ज्यादा रामखोर से अपेक्षा करेंगे लेकिन स्वयं, गरीब से दूरी बराबर बढ़ाते रहेंगे। उसके किसी दुख से वास्ता नहीं रखेंगे।🤩😁
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"मन की स्वतंत्रता ही वास्तविक स्वतंत्रता है।"
मगर हम अपना मन धन दौलत और स्त्री भोग में ही लगाएंगे। इसके अलावा मन का क्या उपयोग?😊😊😊
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्त किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्य नहीं है।"
हमे अपनी रोटी कपड़ा मकान गाड़ी छोकरी से मतलब है दुनियादारी से क्या लेना देना?😛😛
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"ज्ञान व्यक्ति के जीवन का आधार हैं।"
जिसे हम केवल मनुमानुष स्कुलो और किताबों में ही खोजेंगे। भले ही दिमागी स्वतंत्रता जाए भाड़ में।🙃😃😂
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
"शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए।"
तू चीज बड़ी है मस्त मस्त.... , ही हमारा मुलमंत्र है।😁😃😂🤓
*डॉ. भीम राव अम्बेडकर*
" जय भीम वह अश्त्र है जिससे सर्दी खांसी जुखाम बुखार मर्दाना कमजोरी, निसंतानता बाँझपन आदि से मुक्ति पाई जा सकती है।" इसलिए जय भीम बोलिये। इतिहास का जाप, मंच व माइक लगाकर कीजिये।
लंबी सांस खींचिये और जोर से चिल्लाईये जययय भीमममम"
सेवा में जय भीम
प्रेषक जय भीम
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