हाय हुसैन हम न हुए।😢
यजीदियों द्वारा कर्बला के युद्ध (ई 680) मे पैगम्बर मुहम्मद साहेब के नाती हुसैन इब्न अली की भगवान असुर द्वारा मदद और मुहर्रम।हाय हुसैन हम न हुए😭
ब्राह्मणों के अनुसार *असुर* अछूत आदिवासी (SC ST) है।ईसवी वन 680 मे हुए कर्बला के युद्ध मे यजीदीयों (यहूदियों) द्वारा मुहररम के अवसर पर पैगम्बर मुहम्मद साहेब के नाती *हुसैन इब्न अली* को पानी तक को तरसा कर मौत के घाट उतारा गया था हमारे हुसैन को इन यजिदियों ने।
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या हुसैंन हम न हुए का क्या मतलब है?
मुहर्रम के दिन मातम क्यों मनाते हैं मुस्लिम?
क्यों उस दिन को असुर दिवस कह कर गम मनाते हैं?
असुर तो सिंधु घाटी सभ्यता के भगवान का नाम है। जिसमे ब्राह्मणों के युद्ध के बाद स्वयं को देवता घोसित किया और बाकी मूलनिवासी हड़प्पा वासियो को असुर।
जब कालांतर मे इन असुरो की एक टोलि अरब जगत और कर्बला पहुंची तो उसने यजीदी उर्फ यहूदियों की नाइंसाफी व बदमासी देख इमाम हुसैन की मदद की। इसके बाद भी शैतान पुजक यजिदियो से हुसैन साहेब को बचा नही सके असुर साम्राज्यी। इसी दुख की याद मे ही तो मुहर्रम मे मातम करते हुए दुख मनाते हैं। हमारे मुस्लिम भाई।
आगे देखो मुहर्रम का दिन हिजरी माह का दसवां दिन होता है।
उसी दसवीं तिथि को सम्राट अशोक धम्म विजय दशमी मनाई जाती है।
उसी दसवी तिथि को दशहरा ब्राह्मण मानते हैं। असुरो को दैत्य दानव राक्षस घोषित करते हैं।
उसी दशमी की तिथि को डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर नागपुर मे 14 अक्टूबर 1956 को बौद्ध धम्म दीक्षा लेतें हैं।
भारत सरकार की अनुसूचित जन जातियों की सूची मे पहली जाति का नाम कोइ और नहीं बल्कि असुर ही है।
क्या यह सब जुड़ाव दो सहोदर भाइयों (मूलनिवासी बहुजन व मुसलमान) मे नैसर्गिक नही है?
शोषक का चरित्र एक ही है चाहे वह यजीदी उर्फ यहूदी हों या फिर ब्राह्मण धर्मी सवर्ण हो।
वही शोषित का चरित्र एक है, चाहे वह अरब मे लड़ने वाले पैगम्बर के सिपाही हो या छत्तीसगढ़ गुजरात उत्तर प्रदेश विहार आदि के शोषण के शिकार अछूत पिछड़े हों।
यही भगवान असुर बाद मे जोरोस्ट्रीयनिज़म या पारसी धर्म के पूज्य भगवान आहुरा मजदा बने।
रामायण मे वर्णित सरयू नदी को पुरातत्वविदों ने टिगरिस नदी शाबित किया है। जिससे साबित होता है क़ि ब्राह्मण व यजीदी नामक यहूदी दोनो एक ही हैं।
जातिप्रथा ब्राह्मण धर्मियों की तरह केवल यजिदियों मे ही मिलती है और कही किसी धर्म मे नही।
अधिक जानकारी के लिए पढे मान्यवर एस के विश्वास रचित मोहन्जोदारो हड़प्पा नगरो का धर्म बौद्ध धर्म
(http://whc.unesco.org/en/list/1130)
इसके बाद भी आज तक यजीदी नामक यहूदीयों ने शैतान पूजना बन्द नही किया।
अब यदि पैगम्बर मुहम्मद के इस्लाम के सच्चे सिपाही यजिदियों से बदला ले रहें हैं तो इसमे बुरा क्या है?
मुस्लिम तो बहुजन आदिवासी अछूतों के पैगम्बर साहेब के समय से ही दोस्त व सहयोगी हैं। बल्कि पैगम्बर मुहम्मद साहेब के सिपाही मुस्लिम, जोरोस्टर के अहुर मजदा और सिंधु घाटी सभ्यता के मूलनिवासी आदिवासी अछूत पिछड़े तो सहोदर भाई हैं।
हम सब अछूत पिछड़े आदिवासी कर्बला के युध्द मे हुसैन साहेब की अन्याय पूर्ण हत्या मे बहुत दुखी हैं।
हम सब कहते हैं हाय हुसैन हम न हुए। हुसैन साहेब को अश्रुपूर्ण पुष्पांजलि 💐💐🌸🌹🍁😭😢
https://en.m.wikipedia.org/wiki/Muharram

हम दुनिया मे रहे निच बिचारधारा के दलित हरामी का सत्य बता रहें यह हरामी चाहे जितना चेहरा बदल ले हरामी चाहे मुसलिम का चोला धारण कर ले हरामी अरब के शेख इन हरामीयो को अपने बराबर बैठनट तो दुर 100 गज नजर आ जाए कोड़े से खाल खिचवा देंगे हरामीयो को जो खुद को बहुजन बताते है हरामी
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