अमित शाह के रास्ट्र नेता डा अंबेडकर पर दिये गए बयान के मायने-
अमित शाह के संसद मे दिये बयान पर आज कल आंबेडकरवादी साथियों के बड़े ही ज्ञान वर्धक बयान आ रहे हैं, कुछ उदाहरण प्रस्तुत हैं-
१ अमित शाह ने डॉ अंबेडकर का अपमान किया। भरी संसद मे अंबेडकर - अंबेडकर बोला।
पूंछा जाना चाहिए कि डा अंबेडकर को अंबेडकर जी कह कर संबोधित करना अपमानजनक कैसे❓
२ दूसरा आरोप -अमित शाह ने डा अंबेडकर की तुलना भगवान से की।
सवाल यह कि रास्ट्र नेता संविधान विद डा अंबेडकर क्या भगवान थे?
३ तीसरा आरोप -अमित शाह ने बोला कि इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मो तक तर जाते।
सवाल यह कि राजनेता डा अंबेडकर की भक्ति करने के लिए क्या डॉ अंबेडकर ने सहमति दी है❓ जिसकी तरफ अमित शाह ने इशारा किया है।
४- चौथा सवाल क्या उक्त सभी बातें अमित शाह ने हमारे अंबेडकरवादी साथी से कही या डा अंबेडकर की घोर विरोधी कांग्रेस पार्टी और उसके गुर्गों से कही❓
५- क्या यह गलत है कि डा अंबेडकर को कांग्रेस पार्टी द्वारा obc और sc st के मामले मे अपनी उपेक्षा के चलते प्रथम कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा था? जिसे अमित शाह ने अपने बयान मे रेखांकित किया।
क्या यह गलत है कि हिंदू कोढ़ बिल को कांग्रेस और गाँधी द्वारा अस्वीकार करने और obc आरक्षण मामले को लेकर ही रास्ट्र नेता डा अंबेडकर को तत्कालीन नेहरू सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था❓ जिसका जिक्र अमित शाह ने अपने बयान मे भी किया। यह सब बातें अमित शाह ने अंबेडकर अंबेडकर का जाप कर रही कांग्रेस को नँगा करने के लिए कहीं या किसी अंबेडकरवादी को बेइज्जत करने के लिए?
६- क्या यह सच नही है कि रास्ट्र नेता डॉ अंबेडकर स्वयं धारा ३७० के खिलाफ थे❓ जिसका वर्णन स्वयं रास्ट्र नेता डा अंबेडकर ने partition of india or pakistan नामक किताब मे की हुई है। जिसको अमित शाह ने अपने बयान मे दोहराया है। क्या अमित शाह द्वारा डा अंबेडकर की ही बात को दोहराना बाबासाहब अंबेडकर की बेइज्जती कैसे बनाया जा सकता है?
अधिक जानकारी के लिए उक्त पुस्तक पढ़ो।
७ - क्या यह सच नही है सत्ता पक्ष को अपने विपक्ष को घेरने की आज़ादी रास्ट्र नेता डा अंबेडकर ने ही संविधान मे दी हुई है?
अंतिम बात डॉ अंबेडकर की धुर विरोधी कांग्रेस की खुद पोल पट्टी रास्ट्र नेता डा अंबेडकर ने ही annihilation of caste,
what congress and gandhi have done to the untouchable,
partition of india Or Pakistan जैसी दर्जनों किताबों मे खोली हुई है, क्या हम सब उनकी सारी चेतावनी को भूल कांग्रेसी बन गए❓
अंतिम बात, घेरा जा रहा कांग्रेस को और बुरा लग रहा अंबेडकरवादियो को; कहीं ऐसा तो नही अंबेडकरवादियो को प्रतिक्रिया द्वारा कांग्रेस मे धकिया कर पहुंचाया जा रहा ताकि सदा सदा के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों स्थानों पर ब्राह्मणों का राज स्थापित कर अंबेडकरी विमर्श को देश से हमेशा हमेशा के लिए दफन किया जा सके।❓
अमित शाह का कथन गलत नही है। उसने तत्कालीन परिदृश्य को रेखांकित करते हुए तत्कालीन गाँधी नेहरू की कांग्रेस को नँगा किया है। साथ भाजपा द्वारा बनाये गए स्मारकों को महिमा मंडित किया है।
जाहिर है दोनों ही बाते सही है।
जबकि इनको डॉ अंबेडकर पर क्रेडिट बटोरने को पलीता लगाने हेतु करना यह चाहिए कि-
१ अगर भाजपा स्मारक बना अपनी पीठ थपथपा रही तो इसी भाजपा ने उन्ही डॉ अंबेडकर के बनाये अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को खत्म कर अंबेडकरवादियो के एक मात्र सुरक्षा कवच को नेशनाबूत करने का काम क्यों किया था❓
२ यह कि यह वही भाजपा है जिसके द्वारा sc st एक्ट खत्म किये जाने के बाद जब संपूर्ण आंबेडकरवादी समुदाय ने देशव्यापी भारतबंद कर दिया तो इसी भाजपा ने sc st एक्ट को पुनः बहाल कर अपनी गलती मांनी।
३ यह वही भाजपा है जिसने आज भी sc st एक्ट पर अपनी गलती सुधारने के बावजूद लाखों निर्दोष डॉ अंबेडकर के मानंने वालों पर फर्जी मुकदमे लाद रखे हैं। अगर भाजपा इतनी ही बाबासाहब अंबेडकर को अपनाना चाहती है तो पिछले २ april कांड मे फर्जी तरह से फँसाये गए लाखों आंबेडकरवादी परिवारों से मुकदमे वापस कर अपना पाप का प्राष्चित करे।
४ यदि कि भाजपा डॉ अंबेडकर से इतना ही प्रेम रखती है तो देश मे भाजपा द्वारा IAS PCS ASRB आदि मे LATERAL ENTRY के नाम सवर्ण सेंधमारी कर आरक्षण को खत्म करने काम क्यों कर रही है साथ ही इस सेंधमारी को रोकने हेतु उठाये गए कदमों से सदन को अबगत कराये।
५ अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़े वर्गो के भाजपा शासन काल मे अभी तक करोङों पदों पर भर्ती नही करने से करोङों आंबेडकर वादियों के हकअधिकारो का हनन रोकने हेतु जो कदम भाजपा ने उठाये हैं, से सदन को अवगत कराये।
६ भाजपा ने अपने १५ साल के शासन काल में कितने अंबेडकर वादियों को उद्योगपति बनाया आंकड़ो से सदन को बाकिफ कराये।
ये वे मूलभूत सवाल हैं जिनको उठाने से समाज का भला हो सकता है। अंयथा इस तरह की नौटंकी ही नूरा कुश्ती कहलाती है।
कांग्रेस आज मजबूरी हो सकती है स्वेच्छा नहीं।
धरना प्रदर्शन ज्ञापन ज्ञापन खेल रहे लोगो कुछ होश है...?
जय भीम
https://youtu.be/9t6a7k4-qnE?si=uaHxEH6s4iMC4At
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